Thursday, 22 October 2026

पनीर के पेड़े | Paneer Ke Pede | बिना सांचे के रक्षाबंधन स्पेशल मिठाई

स्टील की थाली में सजे घर के बने पनीर-काजू के पेड़े, ऊपर ढक्कन से बना गोल डिज़ाइन

नमस्कार दोस्तों, मैं सीमा, और आप सबका सीमा की रसोई में स्वागत है।

आज मैं आपके साथ शेयर कर रही हूं घर के बने पनीर के पेड़े, यानी Paneer Ke Pede। रक्षाबंधन पर भाई का मुंह मीठा कराना हो, तो बाज़ार की मिठाई से अच्छा है कि घर पर प्यार से कुछ बना लिया जाए। इन पेड़ों में दूध फाड़कर घर का ताज़ा पनीर बनाया है, उसमें काजू का पाउडर मिलाया है, और बस थोड़ी सी चीनी, दूध, घी और इलायची पाउडर। ये बहुत ही अच्छे, लाजवाब बनकर तैयार होते हैं।

और सबसे मज़ेदार बात, ये बिना सांचे के पेड़े हैं। मेरे पास पेड़े वाला कोई सांचा या मशीन नहीं है, तो मैंने एक छोटा सा जुगाड़ लगाया, दवाई की बोतल का ढक्कन। उससे पेड़ों पर इतना सुंदर design बना कि मेरे पतिदेव भी पूछने लगे कि ये निशान कहां से लाए हो।

यह Paneer Peda Recipe क्यों खास है

मैं 30 साल से ज्यादा से रसोई संभाल रही हूं, और त्योहार पर घर की मिठाई का अपना ही मज़ा है। इस Paneer Peda Recipe में ना मावा चाहिए, ना कोई मशीन।

आप चाहें तो मार्केट से पनीर ला सकते हैं, लेकिन घर वाले पनीर के पेड़े ज्यादा अच्छे बनते हैं। ये Raksha Bandhan Sweets भाई दूज या किसी भी खुशी के मौके पर भी अच्छी लगती हैं। मीठे में कुछ और भी देखना हो, तो मेरी आटे के मोदक वाली रेसिपी भी एक बार ज़रूर देखिए।

सामग्री (Ingredients)

जितना मैंने वीडियो में लिया है, वही यहां लिखा है।

पनीर बनाने के लिए

• दूध, अपने हिसाब से (दूध की मात्रा आप कम-ज्यादा कर सकते हैं)

• नींबू का रस, दूध फाड़ने जितना (नींबू की जगह दही भी ले सकते हैं)

• थोड़ा सा ठंडा पानी, पनीर धोने के लिए

पेड़े के मिश्रण के लिए

• काजू, 1 कप (काजू के टुकड़े भी ले सकते हैं)

• दूध, हल्का सा, काजू-पनीर पीसते समय

• चीनी, 1 कटोरी (आप कम-ज्यादा कर सकते हैं)

• दूध, आधा कप, चाशनी में डालने के लिए

• घी, जितनी आवश्यकता लगे, हल्का-हल्का करके

• इलायची पाउडर, स्वादानुसार

पेड़े बनाने के लिए

• हल्का सा घी, बर्तन में लगाने के लिए

• दवाई की बोतल का एक साफ ढक्कन, design बनाने के लिए (बिना सांचे के)

बनाने की विधि

घर पर पनीर बनाइए

Step 1: सबसे पहले दूध को पतीली में निकालकर गैस पर रख दीजिए। जितने पेड़े बनाने हों, उस हिसाब से दूध कम-ज्यादा कर लीजिए।

Step 2: जब तक दूध गर्म हो रहा है, नींबू का रस निकाल लीजिए और उसे छान लीजिए, ताकि नींबू के बीज छलनी में ही रह जाएं। नींबू ना हो तो आप दूध फाड़ने के लिए दही भी ले सकते हैं।

Step 3: दूध में उबाल आ जाए तो नींबू का रस उबलते हुए दूध में डाल दीजिए। कुछ ही देर में आप देखेंगे कि दूध फट गया है और हमारा पनीर तैयार हो गया है।

Step 4: अब इसे छलनी में निकाल लीजिए। थोड़ा सावधानी से, ताकि गर्म पानी एकदम से ऊपर ना आए।

Step 5: पनीर पर थोड़ा सा ठंडा पानी डाल दीजिए, ताकि इसमें नींबू की जो खटाई है वो ना रहे। फिर हाथ से थोड़ा दबाते हुए पनीर का सारा पानी निकाल दीजिए।

काजू-पनीर का creamy paste बनाइए

Step 6: अब एक कप काजू लीजिए। साबुत काजू ना हों तो काजू के टुकड़े भी चल जाएंगे। पहले काजू को mixer jar में पीसकर बारीक पाउडर बना लीजिए। एक बार चेक कर लीजिए कि कोई काजू का टुकड़ा साबुत ना रह जाए।

Step 7: अब जो पनीर हमने निकाला है, उसे इसी जार में काजू के पाउडर के साथ डाल दीजिए और अच्छे से पीस लीजिए। बीच-बीच में चम्मच से थोड़ा घुमाते जाइए।

Step 8: अगर paste अभी सही नहीं बना, तो इसमें थोड़ा सा दूध डालकर फिर से पीस लीजिए। दूध हल्का ही डालिए, ज्यादा नहीं। हमें बिल्कुल cream जैसा smooth paste चाहिए।

चीनी की चाशनी और मिश्रण पकाइए

Step 9: एक कढ़ाई में एक कटोरी चीनी डालिए। चीनी आप अपने हिसाब से कम-ज्यादा कर सकते हैं। शुरुआत में आंच थोड़ी तेज़ रखिए, क्योंकि आंच कम रखेंगे तो चीनी melt नहीं होगी।

Step 10: जैसे ही चीनी melt हो जाए, आंच को बिल्कुल कम कर दीजिए, नहीं तो चाशनी कड़वी हो जाएगी। जब चाशनी तैयार हो जाए तो गैस बंद कर दीजिए।

Step 11: अब इसमें आधा कप दूध डालिए। दूध यहां ज्यादा मत डालिए, क्योंकि जितना ज्यादा दूध डालेंगे उतना ज्यादा समय लगेगा पकने में। हमारा काजू-पनीर का paste भी पहले से liquid form में ही है।

Step 12: अब काजू-पनीर वाला paste कढ़ाई में डाल दीजिए और लगातार चलाते रहिए। साथ में हल्का-हल्का घी डालते जाइए। इस तरह घी की मात्रा कम-ज्यादा होने का chance नहीं रहता।

Step 13: गैस वापस on कर दीजिए और आंच थोड़ी कम ही रखिए। जब मिश्रण कढ़ाई में चिपकने लगे, तो थोड़ा सा घी और डाल दीजिए, इससे सेकने में आसानी रहती है।

Step 14: अब मिश्रण को कढ़ाई में थोड़ा फैला दीजिए और ढक्कन लगाकर 15 से 20 मिनट के लिए छोड़ दीजिए, ताकि ये अच्छे से set हो जाए। 15-20 मिनट बाद आप देखेंगे कि इसमें अच्छा गाढ़ापन आ गया है।

Step 15: अब फिर से आंच कम रखकर इसे थोड़ा और चलाते हुए पकाइए, ताकि अगर थोड़ा सा भी पानी का अंश बचा है तो वो ना रहे। जब मिश्रण कढ़ाई से अलग होने लगे, तो समझ लीजिए ये तैयार है।

Step 16: आखिर में इलायची पाउडर डालिए और थोड़ा सा मिला दीजिए।

मिश्रण ठंडा करके गूंथिए

Step 17: एक बर्तन में हल्का सा घी लगा दीजिए और पेड़े का मिश्रण उसमें निकाल लीजिए। अभी ये बहुत गर्म होगा, तो पहले चम्मच से ही थोड़ा mix कीजिए।

Step 18: जब इतना ठंडा हो जाए कि आप हाथ लगा पाएं, तो जैसे हम आटा गूंथते हैं, वैसे इसे इकट्ठा कर लीजिए। देखिए, ये हाथ में बिल्कुल चिपकना नहीं चाहिए।

बिना सांचे के पेड़े बनाइए

Step 19: मिश्रण को थोड़ा और ठंडा होने दीजिए। फिर थोड़ा-थोड़ा मिश्रण लेकर हथेलियों से गोल करके पेड़े का आकार दीजिए। आप चाहें तो ऐसे सादा आकार भी दे सकते हैं।

Step 20: design के लिए मैंने दवाई की बोतल का ढक्कन लिया और हर पेड़े के ऊपर हल्का सा दबाकर निशान बना दिया। इससे बड़ा प्यारा design आसानी से बन जाता है। इसी तरह सारे पेड़े तैयार करके थाली में सजा लीजिए। हमारे पनीर के पेड़े तैयार हैं।

मेरे कुछ Tips और Storage

• पनीर पर ठंडा पानी डालकर धोना मत भूलिए, वरना पेड़ों में नींबू की खटाई आ सकती है।

• चीनी melt होते ही आंच धीमी कर दीजिए। तेज़ आंच पर चाशनी कड़वी हो जाती है।

• मिश्रण तब तक पकाइए जब तक वो कढ़ाई छोड़ने ना लगे और हाथ में ना चिपके। यही बिना सांचे के पेड़े बनाने का सबसे ज़रूरी point है।

• ये घर के पनीर से बने पेड़े हैं, तो इन्हें किसी साफ, सूखे डिब्बे में रखिए और जल्दी इस्तेमाल कर लीजिए। मौसम गर्म हो तो फ्रिज में रखना ठीक रहता है।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQ)

सवाल: क्या मार्केट वाले पनीर से पेड़े बन सकते हैं?

जवाब: हां, आप मार्केट से पनीर ला सकते हैं। लेकिन मेरे हिसाब से घर वाले पनीर के पेड़े ज्यादा अच्छे बनते हैं।

सवाल: दूध फाड़ने के लिए नींबू की जगह क्या ले सकते हैं?

जवाब: नींबू की जगह आप दही ले सकते हैं।

सवाल: पेड़े का सांचा नहीं है तो design कैसे बनाएं?

जवाब: मैंने दवाई की बोतल का ढक्कन इस्तेमाल किया है। पेड़े पर हल्का सा दबाइए, सुंदर निशान बन जाएगा। आप अपनी इच्छा से कोई भी design दे सकते हैं।

सवाल: इसी मिश्रण से बर्फी बना सकते हैं क्या?

जवाब: जी हां, मिश्रण अच्छे से पक जाए और हाथ में ना चिपके, तो इससे पेड़े या बर्फी, जो चाहें बना सकते हैं।

पूरी रेसिपी का वीडियो

पूरी विधि step by step देखने के लिए ये वीडियो ज़रूर देखिए:

YouTube पर देखें: इस रक्षाबंधन भाई के लिए बनाएं खास पनीर के पेड़े (बिना किसी सांचे के!) | Raksha Bandhan Sweets

ऐसी ही घरेलू और आसान रेसिपीज़ के लिए मेरे Seema Ki Rasoi YouTube चैनल को ज़रूर subscribe कीजिए।

आखिर में

तो दोस्तों, ये थे घर के पनीर और काजू से बने पनीर के पेड़े, वो भी बिना किसी सांचे के। इस बार भाई के लिए घर पर ये पेड़े बनाइए, और कमेंट में ज़रूर बताइए कि आपको ये रेसिपी कैसी लगी। वीडियो को like और share भी कीजिए। आप सबका बहुत-बहुत धन्यवाद।

Friday, 16 October 2026

पालक चने की सब्जी | Palak Chane Ki Sabzi | बिना लहसुन-प्याज पालक चना

स्टील के बर्तन में तैयार बिना लहसुन-प्याज वाली पालक और चने की सब्जी

नमस्कार दोस्तों, मैं सीमा, और आप सबका सीमा की रसोई में स्वागत है।

आज मैं आपके साथ एक बहुत ही सिंपल सी लेकिन बहुत टेस्टी सब्जी शेयर कर रही हूं, पालक और चने की सब्जी। और वो भी बिना लहसुन-प्याज के, कुकर में। घर के बेसिक मसाले, उबली हुई पालक, टमाटर और अच्छे से उबले हुए चने, बस इन्हीं चीज़ों से ये सब्जी बन जाती है, और ऊपर से इसका लुक बिल्कुल रेस्टोरेंट जैसा आता है।

अगर आपके घर में किसी को पनीर पसंद नहीं है, तो पालक पनीर की जगह आप ये पालक चने की सब्जी बनाइए। जिस दिन घर में लहसुन-प्याज नहीं बनता, किसी पूजा या व्रत-त्योहार वाले दिन शाम के खाने में, कन्याओं को खिलाने के लिए, या घर में मेहमान आ रहे हों, हर मौके पर ये सब्जी अच्छी लगती है।

पूरी विधि आप इस वीडियो में देख सकते हैं: बिना लहसुन-प्याज कुकर में बनाएं पालक और चने की सब्जी | Palak Chane Ki Sabzi | Seema Ki Rasoi।

यह रेसिपी क्यों बनाएं

सबसे पहली बात, इसमें कोई झंझट नहीं है। पालक और टमाटर एक ही कढ़ाई में साथ में उबल जाते हैं, चने कुकर में उबल जाते हैं, और फिर सब्जी भी उसी कुकर में बन जाती है। और आखिर में कुकर को खुला पकाने की एक छोटी सी ट्रिक से ऊपर का लुक रेस्टोरेंट जैसा आ जाता है।

दूसरी बात, इसमें लहसुन-प्याज बिल्कुल नहीं है। जब मैंने ये वीडियो बनाया तब नवरात्रि चल रहे थे, और शाम के खाने में मैं लहसुन-प्याज नहीं डालती। फिर भी जीरा, राई, तेजपत्ता, दालचीनी, हींग और सूखी मेथी के तड़के से इसका स्वाद इतना अच्छा आता है कि लहसुन-प्याज की कमी नहीं लगती। हां, अगर आप डालना चाहें तो पेस्ट पीसते समय लहसुन-प्याज भी डाल सकते हैं।

पालक वाली सब्जियां मेरे घर में सबको पसंद हैं। पहले मैंने ढाबा स्टाइल आलू पालक दही की सूखी सब्जी और टिफिन के लिए आलू पालक शिमला मिर्च की मिक्स वेज भी शेयर की थी, वो भी आप एक बार जरूर देखिएगा।

सामग्री

इस सब्जी में मैंने सब कुछ अंदाज़ से डाला है। आप जितनी सब्जी बनानी हो उस हिसाब से चीज़ें कम-ज्यादा कर लीजिए।

पालक-टमाटर के पेस्ट के लिए

• पालक, जितनी आपके पास हो (डंठल अलग करके सिर्फ पत्ते)

• टमाटर, आवश्यकतानुसार

• पानी, पालक और टमाटर उबालने के लिए

• नमक, स्वाद अनुसार

• हल्दी, स्वाद अनुसार

• धनिया पाउडर, स्वाद अनुसार

• लाल मिर्च पाउडर, स्वाद अनुसार

• गरम मसाला, थोड़ा सा

• लहसुन-प्याज, अगर डालना चाहें तो (मैंने नहीं डाले)

चने उबालने के लिए

• चने, आवश्यकतानुसार (गर्म पानी में भिगोए हुए)

• पानी, इतना कि चनों से हल्का सा ऊपर रहे

तड़के के लिए

• तेल, आवश्यकतानुसार

• जीरा

• राई

• तेजपत्ता

• दालचीनी, थोड़ी सी

• हींग

• सूखी मेथी

• थोड़ा सा पानी, जार धोकर डालने के लिए

• ऊपर से डालने के लिए हल्का सा तेल (ना डालना चाहें तो मत डालिए)

परोसने के लिए

• दही

• रोटी

बनाने की विधि

पालक और टमाटर उबालिए

Step 1: सबसे पहले पालक की सफाई कर लीजिए। डंठल अलग कर दीजिए और सिर्फ पत्ते-पत्ते रख लीजिए।

Step 2: अब पालक को अच्छे से धो लीजिए। पालक धोने के बाद जो पानी बच जाता है, वो मैं फेंकती नहीं हूं। मैं अक्सर वो पानी मनी प्लांट के पौधों में डाल देती हूं, तो पानी का भी उपयोग हो जाता है।

Step 3: धुली हुई पालक को कढ़ाई में लीजिए, पानी डालिए और साथ में टमाटर डालिए। टमाटरों को पालक के नीचे छुपा दीजिए, इससे टमाटर जल्दी उबल जाते हैं।

चने कुकर में उबालिए

Step 4: चने मैंने सुबह-सुबह जल्दी गर्म पानी डालकर भिगो दिए थे, क्योंकि रेसिपी मुझे शाम को बनानी थी। अगर आप सुबह बना रहे हैं तो रात को चने भिगो दीजिए।

Step 5: भीगे हुए चने कुकर में डालिए और पानी डालिए। पानी इतना हो कि चनों से हल्का सा ऊपर रहे। फिर ढक्कन लगा दीजिए।

Step 6: मैं ऐसा नहीं करती कि दो सीटी या तीन सीटी लगवा लूं। मैं कुकर को गैस पर रखकर फुल आंच पर एक सीटी लेती हूं, और फिर घड़ी देखकर कम से कम 20 मिनट और पकाती हूं। साथ ही पालक और टमाटर वाली कढ़ाई भी गैस पर रख दीजिए।

Step 7: जब पालक उबल जाए और टमाटर का छिलका अलग होने लगे, तो टमाटरों को कढ़ाई से निकाल लीजिए। गैस बंद कर दीजिए और टमाटर के छिलके अलग कर लीजिए।

Step 8: पालक को छलनी में निकाल लीजिए। अब जो पीछे पानी बचा है, वो फेंकना पड़ेगा क्योंकि वो गर्म पानी है। गर्म पानी अगर हम पौधों में डालेंगे तो पौधे मर जाते हैं। तो ऐसा मत करना कि मेरा वीडियो देखकर गर्म पानी भी पौधों में डाल दें।

पालक-टमाटर का पेस्ट बनाइए

Step 9: उबली हुई पालक और छिलके उतरे टमाटर मिक्सर जार में डाल दीजिए।

Step 10: अब कुकर खोलकर चने देखिए। चने इतने अच्छे से उबलने चाहिए कि दीवार पर फेंकोगे तो चिपक जाएंगे। चने जितने अच्छे से उबलेंगे, सब्जी उतनी अच्छी बनेगी। चनों में ऊपर से थोड़ा ठंडा पानी डालकर धो लीजिए, मैंने दो-तीन बार पानी डालकर धोया ताकि चने अच्छे से साफ हो जाएं। ये पानी गर्म है इसलिए इसे भी पौधों में नहीं, नाली में फेंकिए।

Step 11: जार में पालक और टमाटर के साथ बेसिक मसाले डाल दीजिए, नमक, हल्दी, धनिया पाउडर और लाल मिर्च, और थोड़ा सा गरम मसाला। लहसुन-प्याज डालना हो तो यहीं पीसते समय डाल दीजिए। अब इसे पीसकर पेस्ट बना लीजिए।

कुकर में तड़का लगाकर सब्जी बनाइए

Step 12: कुकर में तेल डालिए। तेल गर्म हो जाए तो जीरा डालिए, राई डालिए, फिर तेजपत्ता और थोड़ी सी दालचीनी डालिए। साथ में हींग डालिए और सूखी मेथी डाल दीजिए।

Step 13: अब उबले हुए चने कुकर में डाल दीजिए और थोड़ी देर इन्हें तेल में चलाते हुए पका लीजिए।

Step 14: चने थोड़े पक जाएं तो पालक-टमाटर वाला पेस्ट कुकर में डाल दीजिए। फिर जार में बिल्कुल हल्का सा पानी डालकर जार धो लीजिए और वो पानी भी कुकर में डाल दीजिए। पानी ज्यादा मत डालिए।

Step 15: कुकर का ढक्कन लगा दीजिए। एक सीटी आने के बाद गैस थोड़ा कम कर दीजिए और दूसरी सीटी ले लीजिए।

Step 16: दूसरी सीटी आने के बाद कुकर को गैस से नीचे रख दीजिए, ढक्कन हटाइए और सब्जी को थोड़ा घुमा दीजिए।

रेस्टोरेंट जैसा लुक लाने की ट्रिक

Step 17: अब कुकर को वापस गैस पर रखिए और गैस ऑन कर दीजिए। स्वाद बढ़ाने के लिए ऊपर से हल्का सा तेल डाल दीजिए, अगर आप नहीं डालना चाहें तो मत डालिए। अब सीटी वापस नहीं लगवानी है, सब्जी को खुला ही फुल आंच पर पकाइए, ताकि जो हल्का-फुल्का पानी है वो जल जाए और ऊपर तेल का वैसा ही लुक आ जाए जैसा हम रेस्टोरेंट में खाते हैं।

Step 18: जब ऊपर वैसा लुक आ जाए तो गैस बंद कर दीजिए और सब्जी को एक बर्तन में निकाल लीजिए। हमारी पालक और चने की सब्जी तैयार है।

मेरे कुछ टिप्स

टमाटरों को पालक के नीचे छुपाकर उबालिए। इससे टमाटर जल्दी उबल जाते हैं और उनका छिलका भी आसानी से अलग हो जाता है।

चनों को अच्छे से उबालना सबसे जरूरी है। एक सीटी फुल आंच पर लेकर फिर कम से कम 20 मिनट पकाइए, ताकि चने एकदम नरम हो जाएं।

पेस्ट डालने के बाद पानी बहुत हल्का डालिए। आखिर में खुला पकाने से बचा हुआ पानी भी जल जाता है और सब्जी ऊपर से एकदम अच्छी दिखती है।

कैसे परोसें

मैंने इस सब्जी को थाली में दही और रोटी के साथ परोसा। साथ में थोड़ा सलाद भी रख लिया। गरमा-गरम पालक चने की सब्जी, ठंडा दही और गरम रोटी, बस और क्या चाहिए।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

क्या ये सब्जी बिना लहसुन-प्याज के बनती है?

जी हां, मैंने इसमें लहसुन-प्याज बिल्कुल नहीं डाला। तड़के में जीरा, राई, तेजपत्ता, दालचीनी, हींग और सूखी मेथी डाली है। अगर आप चाहें तो पालक-टमाटर पीसते समय लहसुन-प्याज डाल सकते हैं।

चने कितनी देर भिगोने और कितना पकाने हैं?

मैंने सुबह गर्म पानी में चने भिगोए थे और शाम को सब्जी बनाई। सुबह बनानी हो तो रात को भिगो दीजिए। कुकर में फुल आंच पर एक सीटी लेकर फिर कम से कम 20 मिनट पकाइए।

पालक उबालने के बाद बचा पानी पौधों में डाल सकते हैं?

नहीं, वो गर्म पानी होता है और गर्म पानी डालने से पौधे मर जाते हैं। पौधों में सिर्फ पालक धोने वाला साफ पानी डालिए।

आखिर में

तो दोस्तों, ये थी बिना लहसुन-प्याज वाली पालक और चने की सब्जी, बिल्कुल सिंपल तरीके से कुकर में। एक बार जरूर बनाइए और कमेंट में बताइए कि आपको ये रेसिपी कैसी लगी।

ऐसी ही घरेलू और आसान रेसिपीज़ के लिए मेरे Seema Ki Rasoi YouTube चैनल को सब्सक्राइब कीजिए, वीडियो को लाइक कीजिए और अपने परिवार और दोस्तों के साथ शेयर कीजिए। आप सबका बहुत-बहुत धन्यवाद।

Monday, 12 October 2026

जन्माष्टमी व्रत वाला केक | Eggless Vrat Cake | बिना ओवन मखाने और पनीर का केक

कांच की कटोरियों में पिस्ता और पुदीने से सजा मखाने और पनीर का व्रत वाला केक

नमस्कार दोस्तों, मैं सीमा, और आप सबका सीमा की रसोई में स्वागत है।

आज मैं आपके साथ एक ऐसी रेसिपी शेयर कर रही हूं जो मैंने जन्माष्टमी पर लड्डू गोपाल जी के भोग के लिए बनाई थी, व्रत वाला केक। इसमें ना ओवन लगता है, ना अंडा, ना मैदा। मखाने, काजू-बादाम, मगज के बीज, गुड़ और घर पर बनी ताज़ा पनीर, बस इन्हीं चीज़ों से ये केक बन जाता है। नीचे मेवे वाली बुरभुरी परत और ऊपर केसर वाली पनीर की मुलायम क्रीम, और ऊपर से पिस्ता और पुदीने की पत्ती। देखने में भी बहुत सुंदर लगता है और खाने में भी बहुत टेस्टी बनकर तैयार होता है।

जन्माष्टमी तो निकल गई, लेकिन ये केक आप किसी भी व्रत में, किसी पूजा के भोग में, घर में किसी के बर्थडे पर या कोई मेहमान आ रहे हों तब भी बना सकते हैं। एकदम अलग सी मिठाई है।

पूरी विधि आप इस वीडियो में देख सकते हैं: जन्माष्टमी स्पेशल: लड्डू गोपाल के लिए व्रत वाला केक | Janmashtami Cake Recipe Eggless।

यह रेसिपी क्यों बनाएं

सबसे पहली बात, इसमें गैस का काम बहुत कम है। दूध उबालकर पनीर बनानी है और मखाने-बीज हल्के से भूनने हैं, बाकी सारा काम मिक्सर जार में हो जाता है। ओवन की कोई आवश्यकता नहीं, बेक करने का कोई झंझट नहीं।

दूसरी बात, इसमें मखाने भूनते समय मैंने घी या तेल कुछ भी नहीं डाला। मीठे के लिए नीचे वाली परत में गुड़ लिया है, और ऊपर की क्रीम में थोड़ी सी पिसी हुई चीनी।

तीसरी बात, पनीर भी बाजार से नहीं लानी। घर पर ही दूध में दही डालकर फाड़ लिया और ताज़ा पनीर तैयार। उसी पनीर में दही और केसर वाला दूध डालकर पीसा तो एकदम क्रीम जैसा बन गया, जो इस केक की असली जान है।

बिना ओवन के केक मुझे हमेशा से पसंद हैं। पहले मैंने तवे पर केक बनाने की आसान रेसिपी और दूध ब्रेड से आइस केक भी शेयर किया था, वो भी आप एक बार जरूर देखिएगा।

सामग्री

इस रेसिपी में मैंने ज्यादातर चीज़ें अंदाज़ से ली हैं। वीडियो में भी मैंने बताया है कि दूध, चीनी, मीठा, ये सब आप अपने हिसाब से कम-ज्यादा कर सकते हैं।

ताज़ा पनीर के लिए

• दूध, आवश्यकतानुसार (जितना केक बनाना हो उस हिसाब से कम-ज्यादा कर लीजिए)

• दही, दूध फाड़ने के लिए आवश्यकतानुसार (दही की जगह नींबू भी ले सकते हैं)

• थोड़ा सा पानी, पनीर को छलनी में धोने के लिए

मेवे वाली नीचे की परत के लिए

• मखाने, जितने आपके पास हों

• काजू, जितने आपके पास हों

• बादाम, जितने आपके पास हों

• लड्डू में डालने वाले बीज (मगज के बीज), जितने आपके पास हों

• बारीक वाला गुड़, स्वाद अनुसार

• केसर वाला दूध, थोड़ा सा

पनीर की क्रीम के लिए

• घर पर बनी ताज़ा पनीर

• चीनी, पीसकर पाउडर बनी हुई, स्वाद अनुसार

• दही, तीन चम्मच

• केसर वाला दूध, बचा हुआ

सजाने के लिए

• पिस्ते, कटे हुए

• पुदीने की पत्तियां (चाहें तो तुलसी के पत्ते)

बनाने की विधि

पहले घर पर पनीर बनाइए

Step 1: दूध को पतीली में निकाल लीजिए और गैस पर गर्म कीजिए। दूध में अच्छे से उबाल आने दीजिए।

Step 2: दूध गर्म हो जाए तो उसमें दही डालिए और दूध को फाड़ लीजिए। दही नहीं है तो नींबू डाल सकते हैं। फटने के बाद देखिए, पनीर तैयार हो जाएगी।

Step 3: इसे छलनी में निकाल दीजिए, ऊपर से थोड़ा पानी डालिए और साइड में रख दीजिए। हमारी पनीर तैयार है।

Step 4: बाकी सारी चीज़ें भी पहले से तैयार रख लीजिए। मखाने, काजू, बादाम, बीज, बारीक गुड़ और पिस्ते निकाल लीजिए, और केसर का दूध बनाकर रख दीजिए।

मेवे वाली परत तैयार कीजिए

Step 5: एक पैन लीजिए, उसमें मखाने डालिए और साथ में वो बीज डालिए जो हम लड्डू में डालते हैं। इन्हें हल्का सा भून लीजिए। मैंने इसमें घी या तेल कुछ भी नहीं डाला।

Step 6: हल्का ठंडा होने के बाद इन्हें मिक्सर में पीसकर पाउडर बना लीजिए।

Step 7: इस पाउडर को छलनी से छान लीजिए, ताकि मखाने का छिलका अलग हो जाए।

Step 8: अब काजू और बादाम को भी पीस लीजिए। काजू-बादाम को छानने की आवश्यकता नहीं है।

Step 9: उसी जार में छना हुआ मखाने और बीज वाला पाउडर वापस डाल दीजिए, और साथ में बारीक वाला गुड़ डालिए। थोड़ा पीसिए, फिर चम्मच से थोड़ा-थोड़ा मिलाइए और फिर से थोड़ा चला लीजिए।

Step 10: अब थोड़ा सा चख लीजिए। मीठा कम लगे तो और गुड़ डाल सकते हैं। मुझे थोड़ा कम लगा तो मैंने थोड़ा सा और डालकर वापस पीस लिया। मिश्रण इस तरह बुरभुरा हो जाएगा।

Step 11: इसमें हल्का सा केसर वाला दूध डालिए। सारा मत डालना, कुछ हमें बाद में क्रीम के लिए भी चाहिए। जार का ढक्कन लगाकर थोड़ा पीस लीजिए ताकि दूध अच्छे से मिक्स हो जाए। दूध की मात्रा ज्यादा मत रखिए, बस हल्का सा।

Step 12: ये मिश्रण एक प्लेट में निकाल लीजिए। नीचे वाली परत तैयार है।

पनीर की क्रीम बनाइए

Step 13: एक जार में चीनी लीजिए और पीसकर पाउडर बना लीजिए। चीनी आप कम-ज्यादा कर सकते हैं।

Step 14: अब उसी जार में जो पनीर हमने निकालकर रखी थी, वो डाल दीजिए। साथ में दही डालिए। दही एकदम से ज्यादा मत डालिए, आवश्यकता लगे तो बाद में डाल सकते हैं। मैंने यहां तीन चम्मच दही डाला है।

Step 15: बचा हुआ केसर वाला दूध भी डाल दीजिए और पीस लीजिए। फिर चम्मच से थोड़ा घुमाइए और वापस पीसिए, जब तक कि ये अच्छे से क्रीम जैसा ना हो जाए। देखिए, बिल्कुल वैसी ही क्रीम तैयार हो जाती है।

केक सेट कीजिए

Step 16: मैंने कांच के कुछ बर्तन लिए हैं। आप स्टील के बर्तन या कटोरी भी ले सकते हैं, जैसी आपको सुविधा हो। इनमें मेवे वाला मिश्रण चम्मच से डालिए और हल्का-हल्का दबाकर सेट करते जाइए।

Step 17: ऊपर से पनीर वाली क्रीम डाल दीजिए और अच्छे से सेट कर दीजिए।

Step 18: किनारी पर पिस्ते डाल दीजिए, ताकि देखने में भी खूबसूरत लगे।

Step 19: आखिर में ऊपर पुदीने की पत्ती रख दीजिए। आप चाहें तो तुलसी के पत्ते भी रख सकते हैं।

Step 20: अब इसे थोड़ी देर ठंडा होने के लिए फ्रिज में रख दीजिए। ठंडा होने के बाद निकालिए और चम्मच से काटकर परोसिए।

मेरे कुछ टिप्स

मखाने पीसने के बाद छलनी से जरूर छानिए, इससे छिलका अलग हो जाता है और परत एकदम बारीक बनती है। काजू-बादाम को छानना नहीं है।

गुड़ एक साथ ज्यादा मत डालिए। पहले थोड़ा डालिए, चखिए, और कम लगे तब और डालिए।

मेवे वाले मिश्रण में केसर का दूध बस हल्का सा डालना है। ज्यादा दूध डाल दिया तो परत बुरभुरी नहीं रहेगी।

क्रीम के लिए दही भी धीरे-धीरे डालिए। मैंने तीन चम्मच डाला, आवश्यकता लगे तो ही और डालिए।

कैसे परोसें

मैंने इन्हें कांच की कटोरियों में सेट करके एक थाली में गुलाब के फूलों के साथ सजाया था। भोग की थाली में रखिए, भगवान को भोग लगाइए और फिर सबको प्रसाद में दीजिए। फ्रिज से ठंडा-ठंडा निकालकर चम्मच से खाने में इसका स्वाद बहुत अच्छा लगता है। बर्थडे या किसी छोटे से फंक्शन में भी ऐसे ही अलग-अलग कटोरियों में परोसिए, सबको अपना अलग केक मिल जाएगा।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

क्या ये केक बिना ओवन और बिना अंडे के बनता है?

जी हां, बिल्कुल। इसमें ना ओवन लगता है, ना अंडा, ना मैदा। सब कुछ मिक्सर में पीसकर कटोरी में सेट करना है और फिर थोड़ी देर फ्रिज में रखना है।

दूध फाड़ने के लिए दही नहीं है तो क्या डालें?

दही की जगह नींबू डाल सकते हैं। दूध फट जाए तो छलनी में निकालकर थोड़ा पानी डाल दीजिए, पनीर तैयार हो जाएगी।

मखाने का पाउडर छानना जरूरी है क्या?

हां, मखाने वाले पाउडर को छान लीजिए ताकि उसका छिलका अलग हो जाए। काजू और बादाम को छानने की आवश्यकता नहीं है।

कांच के बर्तन नहीं हैं तो?

कोई बात नहीं, स्टील के बर्तन या कोई भी कटोरी ले लीजिए। जैसी आपको सुविधा हो।

आखिर में

तो दोस्तों, ये था बिना ओवन, बिना अंडे वाला व्रत का केक। घर की पनीर, भुने मखाने, काजू-बादाम, गुड़, केसर का दूध और ऊपर पिस्ता, बस। एक बार जरूर बनाइए, खाइए और कमेंट में बताइए कि आपको ये रेसिपी कैसी लगी।

ऐसी ही घरेलू और आसान रेसिपीज़ के लिए मेरे Seema Ki Rasoi YouTube चैनल को सब्सक्राइब कीजिए, वीडियो को लाइक कीजिए और अपने परिवार और दोस्तों के साथ शेयर कीजिए। आप सबका बहुत-बहुत धन्यवाद।

Thursday, 8 October 2026

आटे के मोदक | Aate Ke Modak | गेहूं के आटे और मावे के मोदक

स्टील की थाली में रखे गेहूं के आटे और मावे से बने घर के मोदक

नमस्कार दोस्तों, मैं सीमा, और आप सबका सीमा की रसोई में स्वागत है।

आज मैं आपके लिए गेहूं के आटे से मोदक बनाने की रेसिपी लेकर आई हूं। ये मोदक मैंने गणपति जी के भोग के लिए बनाए थे, और सच बताऊं तो बहुत ही अच्छे टेस्ट के बनकर तैयार हुए। इसमें मावा भी मैंने बाजार से नहीं मंगवाया, घर पर ही मिल्क पाउडर और थोड़े से दूध से झटपट मावा बना लिया। फिर भुना हुआ आटा, मावा, बुरा शक्कर, काजू और इलायची, बस इतनी सी चीज़ों से ये मोदक बन जाते हैं।

सांचा नहीं है तो घबराइए मत, इसी मिश्रण से लड्डू भी बन जाते हैं।

पूरी विधि आप इस वीडियो में देख सकते हैं: गेहूं के आटे से बनाएं स्वादिष्ट मोदक | Aate ke Modak | गणपति जी के लिए आसानी से बनाएं | Modak Recipe।

यह रेसिपी क्यों बनाएं

सबसे पहली बात, इसमें मुख्य चीज़ है गेहूं का आटा, जो हर घर में रहता है। मोदक के लिए कुछ खास ढूंढने बाजार नहीं जाना पड़ता।

दूसरी बात, मावा घर पर ही बन जाता है। एक कटोरी मिल्क पाउडर में बिल्कुल हल्का सा दूध और थोड़ा घी, कम आंच पर सेको, और कुछ ही देर में मावा तैयार। मार्केट से मावा लाने की आवश्यकता ही नहीं है।

तीसरी बात, इसमें मैंने एक खास टिप बताई है बुरा शक्कर वाली। शक्कर को आटे में मिलाकर, कढ़ाई को वापस धीमी आंच पर रखकर हल्का-हल्का घी डालते हुए मिलाते हैं, तो शक्कर अपना पानी छोड़ देती है। इससे मोदक खाते समय शक्कर दांतों में नहीं बजती। अक्सर लड्डू में ये शिकायत रहती है, इस तरीके से वो नहीं होती।

गेहूं के आटे की मिठाई मुझे हमेशा से पसंद है। पहले मैंने दो कटोरी गेहूं के आटे से बालूशाही की रेसिपी भी शेयर की थी, वो भी आप एक बार देखिएगा।

सामग्री

वीडियो में मैंने कटोरी से नाप बताया है। जो कटोरी आप लें, वही सब चीज़ों के लिए लीजिए, तो अनुपात सही रहेगा।

इंस्टेंट मावे के लिए

• मिल्क पाउडर, एक कटोरी

• दूध, बिल्कुल हल्का सा

• देसी घी, थोड़ा सा (सेकने के लिए)

मोदक के मिश्रण के लिए

• गेहूं का आटा, एक कटोरी

• देसी घी, आवश्यकतानुसार (हल्का-हल्का डालते हुए)

• बुरा शक्कर, दो कटोरी, छनी हुई (मीठा अपने स्वाद अनुसार कम-ज्यादा कर सकते हैं)

• काजू, कुछ (जितने आपके पास हों)

• इलायची पाउडर, स्वाद अनुसार

• दूध, बिल्कुल हल्का सा, बांधने के लिए

बर्तन और सामान

• भारी तले की कढ़ाई

• मोदक का सांचा (न हो तो लड्डू बना लीजिए)

• एक गिलास, मिश्रण को दबाकर मिलाने के लिए

बनाने की विधि

पहले घर पर मावा बनाइए

Step 1: एक कढ़ाई लीजिए और उसमें एक कटोरी मिल्क पाउडर डालिए। अभी गैस बंद ही रखिए।

Step 2: मिल्क पाउडर में बिल्कुल हल्का सा दूध डालिए और दोनों को अच्छे से मिक्स कर लीजिए। दूध ज्यादा मत डालना, क्योंकि जितना अधिक दूध डालेंगे, मावा बनने में उतना ही समय लगेगा।

Step 3: अब गैस ऑन कीजिए और साथ में थोड़ा घी डाल दीजिए, ताकि मावा अच्छे से सिक जाए। आंच कम ही रखिए। फुल आंच पर ये बहुत जल्दी कढ़ाई से चिपकने लगता है। कढ़ाई भी थोड़ी भारी तले वाली लीजिए और लगातार चलाते रहिए।

Step 4: जितना ज्यादा सेकेंगे, मावे का कलर उतना गहरा और अच्छा आएगा। जब मावा कढ़ाई से चिपकना बंद कर दे, तो समझिए मावा तैयार है। गैस बंद कीजिए और मावे को एक प्लेट में निकाल लीजिए।

अब आटा भूनिए

Step 5: दो कटोरी बुरा शक्कर को छान लीजिए और साइड में रख दीजिए। मैंने पतंजलि वाली बुरा शक्कर ली थी, लेकिन कोई पेड प्रमोशन नहीं है, आपको जो बुरा शक्कर मिल जाए वो ले लीजिए।

Step 6: अब कढ़ाई में एक कटोरी गेहूं का आटा डालिए और थोड़ा घी डालिए। हल्का-हल्का घी डालते हुए आटे को भूनिए। जितनी आवश्यकता लगे, उतना ही घी डालते जाइए। आंच अपने हिसाब से कम-ज्यादा कर सकते हैं।

Step 7: आटा अच्छे से भुनकर तैयार हो जाए, तो उसमें घर पर बना मिल्क पाउडर वाला मावा डाल दीजिए। प्लेट में जो घी रह गया था, वो भी निकालकर डाल दीजिए। मैंने इसमें घी ज्यादा बिल्कुल नहीं डाला, बस जितनी जरूरत थी।

Step 8: मावे को आटे के साथ बिल्कुल अच्छे से मिला लीजिए। अगर लगे कि मावा अच्छे से नहीं मिल रहा, तो एक गिलास से दबा-दबाकर मिलाइए। आखिर में गिलास पर जो मिश्रण चिपका रह जाए, उसे चाकू से साफ करके कढ़ाई में ही डाल दीजिए।

शक्कर मिलाने का सही तरीका

Step 9: अब छनी हुई बुरा शक्कर थोड़ी-थोड़ी डालिए और मिलाते जाइए, ताकि शक्कर आटे के साथ अच्छे से मिक्स हो जाए। मैंने पूरी दो कटोरी शक्कर डाली है। आपको मीठा कम या ज्यादा पसंद हो, तो उस हिसाब से डालिए।

Step 10: कढ़ाई को वापस गैस पर रखिए, आंच बिल्कुल कम कर दीजिए। फिर से हल्का सा घी डालिए और हल्के-हल्के हाथ से चलाते रहिए। शक्कर घी के साथ मिलकर अपना पानी छोड़ देगी। इतना पानी नहीं छोड़ेगी कि आपको पता चले, लेकिन इतना मिक्स हो जाएगी कि मोदक खाते समय शक्कर दांतों में नहीं बजेगी।

Step 11: जब दिखे कि शक्कर ने पानी छोड़ दिया है, तो थोड़ा घी और डालकर कुछ देर और भून लीजिए। फिर कढ़ाई गैस से नीचे उतार लीजिए।

काजू, इलायची और बांधना

Step 12: अब कुछ काजू डालिए और अच्छे से मिला दीजिए। फिर इलायची पाउडर डालकर वो भी मिला दीजिए। आप अपनी इच्छा से इसमें और कुछ डालना चाहें, तो डाल सकते हैं।

Step 13: मिश्रण को एक बर्तन में निकाल लीजिए। अभी ये काफी गर्म होता है। इसमें बिल्कुल हल्का सा दूध डालिए और अच्छे से मिला लीजिए। दूध इसलिए, ताकि मोदक या लड्डू अच्छे से बंध जाएं। ध्यान रखिए, दूध ज्यादा डाल दिया तो ये हलवा बन जाएगा, और हमें हलवा नहीं, मोदक बनाने हैं।

सांचे से मोदक बनाइए

Step 14: मोदक का सांचा लीजिए और उसमें हल्के हाथों से मिश्रण भरिए। जोर-जोर से दबाएंगे तो खोलते समय मोदक टूट जाएगा, ये मैंने वीडियो में दबाकर भी दिखाया है। इसलिए बिल्कुल हल्का-हल्का दबाइए।

Step 15: अब हल्के हाथों से सांचा खोलिए। मोदक अच्छे से सेट होकर निकलेगा, ना टूटेगा, ना बिखरेगा। इसी तरीके से सारे मोदक तैयार कर लीजिए।

Step 16: अगर आपके पास मोदक का सांचा नहीं है, तो इसी मिश्रण से हाथ से गोल-गोल लड्डू बना लीजिए। स्वाद वही रहेगा।

मेरे कुछ टिप्स

मावा बनाते समय दूध बहुत कम डालिए। ज्यादा दूध से मावा बनने में बहुत समय लगता है।

आटा भूनते समय घी एक साथ मत डालिए, थोड़ा-थोड़ा डालिए। मैंने इसमें घी ज्यादा नहीं किया, फिर भी मोदक अच्छे बने।

शक्कर डालने के बाद कढ़ाई को एक बार धीमी आंच पर जरूर रखिए और हल्का घी डालकर मिलाइए। यही वो टिप है जिससे शक्कर दांतों में नहीं बजती।

बांधने के लिए दूध बस हल्का सा डालिए। ज्यादा दूध से मिश्रण हलवे जैसा हो जाता है।

सांचे में मिश्रण हल्के हाथों से दबाइए और हल्के हाथों से ही खोलिए। ज्यादा दबाया तो मोदक टूट जाएगा।

कैसे परोसें

मैंने सारे मोदक एक बड़ी थाली में सजाए और साथ में कुछ लड्डू भी बनाकर दिखाए। ये गणपति जी के भोग के लिए बहुत सुंदर लगते हैं। पूजा की थाली में रखिए, भोग लगाइए और फिर परिवार में प्रसाद की तरह बांटिए।

वीडियो में मैंने बताया है कि इन्हें आप फ्रिज में रखकर कम से कम हफ्ते भर तक खा सकते हैं, और फ्रिज के बाहर रखें तो चार-पांच दिन तक आराम से खा सकते हैं।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

मोदक का सांचा नहीं है तो क्या करें?

कोई बात नहीं। इसी मिश्रण से हाथ से लड्डू बना लीजिए। मैंने वीडियो के आखिर में लड्डू बनाकर भी दिखाए हैं। स्वाद बिल्कुल वैसा ही रहता है।

सांचे से निकालते समय मोदक टूट क्यों जाता है?

ज्यादातर इसलिए, क्योंकि सांचे में मिश्रण जोर से दबा दिया जाता है। हल्के हाथ से भरिए, हल्का दबाइए और धीरे से सांचा खोलिए। और बांधने के लिए थोड़ा सा दूध जरूर मिलाइए।

मावा बाजार से ला सकते हैं क्या?

ला सकते हैं, लेकिन जरूरत नहीं है। एक कटोरी मिल्क पाउडर में बिल्कुल हल्का सा दूध और थोड़ा घी डालकर कम आंच पर सेको, घर पर ही मावा बन जाता है।

आखिर में

तो दोस्तों, गेहूं के आटे के मोदक बनाना इतना आसान है। घर का मावा, भुना आटा, बुरा शक्कर, काजू-इलायची और हल्का सा दूध, बस। एक बार जरूर बनाकर देखिए और कमेंट में बताइए कि आपके मोदक कैसे बने।

ऐसी ही घरेलू और आसान रेसिपीज़ के लिए मेरे Seema Ki Rasoi YouTube चैनल को सब्सक्राइब कीजिए, वीडियो को लाइक कीजिए और अपने परिवार और दोस्तों के साथ शेयर कीजिए। आप बनाइए, खाइए और हमें जरूर बताइए कैसा लगा। आप सबका बहुत-बहुत धन्यवाद।

Tuesday, 6 October 2026

काठियावाड़ी लहसुन की चटनी | Kathiyawadi Garlic Chutney | होटल जैसी लहसुन चटनी

स्टील की कटोरी में रखी लाल काठियावाड़ी लहसुन की चटनी, ऊपर घी अलग दिख रहा है

नमस्कार दोस्तों, मैं सीमा, और आप सबका सीमा की रसोई में स्वागत है।

आज मैंने काठियावाड़ी लहसुन की चटनी बनाई है। ये वही चटनी है जो होटल में खाने के साथ परोसते हैं, थोड़ी तीखी, घी वाली और देखने में भी लाल लाल। घर में रोज की थाली हो या मेहमान आ जाएं, ये चटनी रख दी तो साधारण सा खाना भी और टेस्टी लगने लगता है। बनाने में ज्यादा समय भी नहीं लगता। जीरा भूनो, लहसुन पीसो, दही में मिर्च-नमक मिलाओ, घी में पकाओ, बस इतना ही काम है।

मैंने इसे घी में बनाया है, क्योंकि घी में ये चटनी वाकई अच्छी बनती है। तेल से भी बन सकती है, लेकिन मेरा मन घी में ही बना। थाली में रोटी और सेव टमाटर की सब्जी के साथ परोसा, और पतिदेव को दे दी। देखते ही मुंह में पानी आ जाए, ऐसी बनी थी।

पूरी विधि आप इस वीडियो में देख सकते हैं: होटल जैसी काठियावाड़ी लहसुन की चटनी कैसे बनाएं | Garlic Chutney Recipe | सीमा की रसोई।

यह रेसिपी क्यों बनाएं

सबसे पहली बात, ये होटल वाली चटनी जैसे ही घर पर बन जाती है। बाहर खाने में जब ये लगती है तो लोग पूछते हैं कि ये कैसे बनी। अब घर पर ही बना लो तो खाने का मज़ा और बढ़ जाता है।

दूसरी बात, सामग्री बहुत आम है। जीरा, लहसुन, दही, लाल मिर्च, घी और सूखी मेथी, ये सब लगभग हर रसोई में मिल जाते हैं। कोई लंबी तैयारी नहीं, भिगोने का भी कुछ नहीं।

तीसरी बात, थोड़ी सी चटनी बहुत काम आती है। रोटी के साथ, पराठे के साथ, या साधारण दाल-सब्जी की थाली में एक कटोरी रख दी, स्वाद बदल जाता है। पहले मैंने सिरके वाला लहसुन का अचार भी बनाया था, वो अलग है। ये वाली चटनी ताज़ी बनाकर खाने के साथ ही खाई जाती है।

सामग्री

वीडियो में मैंने कुछ चीज़ें नापकर बताई हैं, बाकी स्वाद अनुसार डाली हैं। आप भी अपने घर के हिसाब से ले लीजिए।

लहसुन-जीरे के पेस्ट के लिए

• जीरा, दो चम्मच

• लहसुन की कलियाँ, जितनी आपके पास हों / स्वाद अनुसार

• पानी, बिल्कुल हल्का सा, पीसने के लिए

दही वाले मसाले के लिए

• दही, एक कटोरी

• लाल मिर्च पाउडर, स्वाद अनुसार (ज्यादा तीखा न खाते हों तो कश्मीरी लाल मिर्च)

• नमक, स्वाद अनुसार / हल्का सा

पकाने के लिए

• घी (घी की जगह तेल भी ले सकते हैं, लेकिन घी में अच्छी बनती है)

• जीरा, छौंक के लिए

• हींग

• सूखी मेथी (कसूरी मेथी)

ऊपर से सजाने के लिए

• सूखी मेथी, थोड़ी सी (अगर हरा धनिया हो तो वो भी डाल सकते हैं)

बनाने की विधि

Step 1: पहले तवे पर दो चम्मच जीरा डालिए और अच्छे से भून लीजिए। कच्चा जीरा नहीं डालना, भूनने से खुशबू अच्छी आती है।

Step 2: भुना हुआ जीरा एक जार या मिक्सी के बर्तन में डाल दीजिए। साथ में लहसुन की कलियाँ डाल दीजिए।

Step 3: जीरा और लहसुन को अच्छे से पीस लीजिए। अगर बारीक न हो तो बिल्कुल हल्का सा पानी डालिए, ज्यादा नहीं। मैंने भी बहुत कम पानी डाला था, बस पीसने में आसानी रहे इतना। इस तरह का पेस्ट तैयार कर लीजिए।

Step 4: एक कटोरी में दही लीजिए। उसमें लाल मिर्च पाउडर डालिए। तीखा कम पसंद हो तो कश्मीरी लाल मिर्च ले सकते हैं। हल्का सा नमक डालकर दही में मिर्च और नमक अच्छे से मिला लीजिए।

Step 5: अब कढ़ाई में घी डालिए। घी की जगह तेल भी चल जाएगा, लेकिन घी में ये चटनी ज्यादा अच्छी लगती है।

Step 6: घी गरम हो जाए तो उसमें जीरा डालिए, फिर हींग डाल दीजिए।

Step 7: अब जो जीरा और लहसुन का पेस्ट तैयार किया था, वो कढ़ाई में डाल दीजिए।

Step 8: सूखी मेथी डालिए और अच्छे से भून लीजिए। लहसुन को भी थोड़ा पका लीजिए, जब तक अच्छी खुशबू आने लगे।

Step 9: जब अच्छी खुशबू आ जाए, तो कटोरी वाला दही-मिर्च-नमक का मिश्रण कढ़ाई में डाल दीजिए। अच्छे से मिला लीजिए। कटोरी में जो दही रह जाए, वो भी चम्मच से निकालकर पूरा डाल दीजिए।

Step 10: अब चटनी को इतना पकाना है कि उसका घी अलग हो जाए। तब तक चलाते रहिए। आंच कम रखिए। जैसे-जैसे पकती है, घी अलग दिखने लगता है।

Step 11: लगातार चलाते रहना ज़रूरी है, ताकि दही फटे नहीं। मैंने तब तक पकाया जब तक घी अच्छे से अलग हो गया और चटनी होटल जैसी तैयार दिखने लगी। गैस बंद कर दीजिए।

Step 12: चटनी को एक बर्तन या कटोरी में निकाल लीजिए। ऊपर से सूखी मेथी छिड़क दीजिए। आपके पास हरा धनिया हो तो वो भी डाल सकते हैं। मेरे पास उस दिन नहीं था, तो सूखी मेथी से ही काम चलाया। काठियावाड़ी लहसुन की चटनी तैयार है।

मेरे कुछ टिप्स

जीरा पहले तवे पर अच्छे से भून लीजिए। कच्चा डालोगे तो स्वाद वैसा नहीं आएगा।

पेस्ट पीसते समय पानी बहुत कम डालना। ज्यादा पानी डाल दिया तो चटनी पतली हो जाएगी।

तीखा कम खाने वाले कश्मीरी लाल मिर्च ले लें। रंग अच्छा आएगा और तेज़ी भी कम रहेगी।

घी में बनाने से स्वाद और खुशबू दोनों बेहतर लगते हैं। तेल से बनाओगे तो भी बनेगी, लेकिन घी वाली वाली बात अलग है।

दही डालने के बाद आंच कम रखिए और लगातार चलाते रहिए। तभी दही नहीं फटता और घी अलग होकर होटल जैसा लुक आता है।

हरा धनिया हो तो लास्ट में ज़रूर डालिए। नहीं है तो सूखी मेथी भी बहुत अच्छा स्वाद देती है, जैसे मैंने किया।

कैसे परोसें

मैंने थाली में रोटी, सेव टमाटर की सब्जी और ये लहसुन की चटनी रखी थी। गरम रोटी के साथ ये चटनी बहुत अच्छी लगती है। पराठे, बाजरे की रोटी या साधारण दाल-भात के साथ भी खा सकते हैं। थोड़ी सी मात्रा में ही काफी तीखी और स्वादिष्ट लगती है, इसलिए एक छोटी कटोरी काफी है।

ये ताज़ी बनाकर खाने वाली चटनी है। गरम गरम या थोड़ी ठंडी करके भी चल जाती है। जितनी खानी हो उतनी ही बना लीजिए।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

घी की जगह तेल डाल सकते हैं?

हां, वीडियो में मैंने बताया है कि घी की जगह तेल भी ले सकते हैं। लेकिन घी में ये चटनी अच्छी बनती है, इसलिए मैंने घी ही लिया।

ज्यादा तीखी हो जाए तो क्या करें?

लाल मिर्च कम डालिए, या कश्मीरी लाल मिर्च इस्तेमाल कीजिए। तीखापन अपने स्वाद अनुसार कंट्रोल कर सकते हैं।

दही क्यों फट जाता है कभी-कभी?

आंच तेज़ हो या चलाए बिना छोड़ दिया तो दही फट सकता है। मैंने आंच कम रखी और लगातार चलाया, तब तक जब तक घी अलग न हो जाए। इससे दही फटा नहीं।

हरा धनिया ज़रूरी है क्या?

नहीं। मेरे पास नहीं था तो सूखी मेथी डाली थी। हरा धनिया हो तो और अच्छा लगेगा, नहीं तो सूखी मेथी से काम चल जाता है।

आखिर में

तो दोस्तों, काठियावाड़ी लहसुन की चटनी घर पर बनाना इतना आसान है। जीरा भूनो, लहसुन पीसो, दही में मिर्च-नमक मिलाओ, घी में पकाओ जब तक घी अलग न हो जाए। एक बार बनाकर देखिए, होटल वाली याद आ जाएगी। अगर आपने पहले कभी ऐसी चटनी बनाई है तो कमेंट में ज़रूर बताइएगा।

ऐसी ही घरेलू और आसान रेसिपीज़ के लिए मेरे Seema Ki Rasoi YouTube चैनल को सब्सक्राइब कीजिए, वीडियो को लाइक कीजिए और अपने परिवार और दोस्तों के साथ शेयर कीजिए। बनाइए, खाइए और हमें बताइए कैसा लगा। आप सबका बहुत बहुत धन्यवाद।

Sunday, 4 October 2026

रोटी वड़ा रेसिपी | Leftover Roti Recipe | बची हुई रोटी का क्रिस्पी नाश्ता

थाली में रखे बची हुई रोटी से बने क्रिस्पी रोटी वड़े और आलू के पकोड़े, साथ में पत्ता गोभी की सब्जी

नमस्कार दोस्तों, मैं सीमा, और आप सबका सीमा की रसोई में स्वागत है।

हमारे घर में अक्सर ऐसा होता है कि सुबह या दोपहर की रोटियां बच जाती हैं। इस बार भी यही हुआ। दोपहर में मैंने रोटी और मूंग की सब्जी बनाकर रखी थी, लेकिन बिटिया रानी और बच्चों का मन मैगी खाने का हो गया। तो बच्चों ने मैगी खा ली और रोटियां वैसी की वैसी बच गईं। अब रोटी फेंकने का तो सवाल ही नहीं, तो शाम को मैंने उन्हीं बची हुई रोटियों से एक क्रिस्पी नाश्ता बना लिया। उबले आलू का मसाला, बेसन का घोल और ऊपर से रोटी के बारीक टुकड़े, बस इतना ही। बनकर ऐसा वड़ा तैयार होता है जो बाहर से कुरकुरा और अंदर से आलू वाला soft होता है।

आप इसे रोटी वड़ा कह लो, रोटी पकोड़ा कह लो, या बची रोटी का नाश्ता, नाम जो भी दो, खाने में बहुत टेस्टी लगता है और घर में सब खा भी लेते हैं।

पूरी विधि आप इस वीडियो में देख सकते हैं: बची हुई रोटियों से बनाएं ऐसा टेस्टी क्रिस्पी नाश्ता जो पहले नहीं खाया होगा | Leftover Roti Recipe |। वीडियो में मेरी उस दिन की शाम की दिनचर्या और कॉलोनी में बैठे गणपति जी के भजन की झलक भी है।

यह रेसिपी क्यों बनाएं

सबसे बड़ी बात, बची हुई रोटी का अच्छा इस्तेमाल हो जाता है। बासी रोटी को बहुत लोग खाना पसंद नहीं करते, लेकिन जब वही रोटी बारीक कटकर वड़े के ऊपर चिपकती है और तलकर crispy हो जाती है, तो किसी को पता भी नहीं चलता कि ये बची हुई रोटी है।

दूसरी बात, इसमें कोई खास चीज नहीं लगती। आलू, प्याज, बेसन और रोज के मसाले, ये सब तो हर रसोई में मिल जाते हैं। मैंने तो इसे शाम को खाने के साथ बनाया था, लेकिन अगर आपकी रात की रोटियां बच जाएं तो सुबह नाश्ते में भी बना सकते हैं। बच्चों की छोटी भूख हो या शाम की चाय, दोनों के साथ ये अच्छा लगता है।

पहले भी मैंने बची रोटियों से चाऊमीन जैसा नाश्ता और रोटी पिज़्ज़ा बनाया था, ये वाला उनसे बिल्कुल अलग है।

सामग्री

इस रेसिपी में मैंने कुछ भी नाप कर नहीं डाला, जितनी रोटियां बची थीं उसी हिसाब से आलू और बेसन लिया। आप भी अपने हिसाब से ले लीजिए। मसाले स्वाद अनुसार डालें।

रोटी के लिए

• बची हुई रोटियां, जितनी आपके पास हों

आलू के मसाले के लिए

• उबले हुए आलू, छिलका उतारकर

• प्याज, बारीक कटा हुआ

• तेल, छौंक के लिए

• जीरा

• अजवाइन, हल्की सी

• सूखी मेथी (कसूरी मेथी)

• नमक, स्वाद अनुसार

• हल्दी पाउडर

• धनिया पाउडर

• लाल मिर्च पाउडर

• गरम मसाला (चाहें तो किचन किंग मसाला)

• हरा धनिया, अगर घर में हो तो

बेसन के घोल के लिए

• बेसन

• नमक, स्वाद अनुसार

• अजवाइन, हल्की सी

• लाल मिर्च पाउडर

• बेकिंग पाउडर या बेकिंग सोडा, थोड़ा सा

• हींग

• पानी, थोड़ा थोड़ा करके

तलने के लिए

• तेल

बनाने की विधि

Step 1: आलू मैंने शाम को भजन में जाने से पहले ही उबलने रख दिए थे, ताकि लौटकर काम जल्दी हो जाए। आलू अच्छे से उबल जाएं तो उनका छिलका उतार लीजिए और रख दीजिए।

Step 2: अब बची हुई रोटियों को बारीक बारीक काट लीजिए। मैंने पतले पतले टुकड़े काटे हैं, जैसे लच्छे होते हैं। ये टुकड़े एक थाली में तैयार करके रख लें, बाद में वड़े पर यही चिपकाने हैं।

Step 3: उबले हुए आलू को अच्छे से बारीक कर लीजिए, यानी मसल लीजिए, ताकि बड़े टुकड़े ना रहें।

Step 4: कढ़ाई में तेल डालिए। तेल गरम हो जाए तो उसमें जीरा डालिए, साथ में हल्की सी अजवाइन और सूखी मेथी डाल दीजिए।

Step 5: अब कटे हुए प्याज डालिए और प्याज को अच्छे से भून लीजिए।

Step 6: प्याज भून जाए तो नमक और हल्दी पाउडर डालिए, और थोड़ा सा प्याज को मसाले के साथ और भून लीजिए।

Step 7: अब मसले हुए उबले आलू डाल दीजिए और अच्छे से मिला दीजिए, ताकि प्याज और आलू एकदम mix हो जाएं। थोड़ी देर अच्छे से पकने दीजिए।

Step 8: फिर धनिया पाउडर और लाल मिर्च पाउडर डालिए और फिर से अच्छे से मिला दीजिए।

Step 9: लास्ट में गरम मसाला डालिए। आपके पास किचन किंग मसाला है तो वो भी डाल सकते हैं। ऊपर से हरा धनिया हो तो डाल दीजिए, मेरे पास नहीं था तो मैंने सूखी मेथी से ही काम चला लिया। मसाला तैयार है, अब इसे थोड़ा ठंडा होने दीजिए।

Step 10: अब एक बर्तन में बेसन लीजिए। उसमें नमक, हल्की सी अजवाइन, लाल मिर्च पाउडर और थोड़ा सा बेकिंग पाउडर या बेकिंग सोडा डालिए। सूखे में ही अच्छे से मिला लीजिए।

Step 11: अब हल्का हल्का पानी डालते हुए घोल तैयार कीजिए। एक साथ ज्यादा पानी मत डालना, थोड़ा थोड़ा डालकर फेंटते रहिए। घोल ऐसा हो कि आलू के गोले पर अच्छे से लिपट जाए। लास्ट में घोल में हींग डालकर मिला दीजिए।

Step 12: कढ़ाई में तलने के लिए तेल गरम होने रख दीजिए।

Step 13: ठंडे हुए आलू के मसाले से गोले बना लीजिए। एक गोला लीजिए, उसे बेसन के घोल में डालकर चारों तरफ से अच्छे से लपेट लीजिए।

Step 14: अब बेसन लगे गोले को कटी हुई रोटियों वाली थाली में डालिए और हाथ से हल्का दबाते हुए रोटी के टुकड़े चारों तरफ चिपका दीजिए।

Step 15: रोटी चिपका हुआ गोला गरम तेल में डाल दीजिए। इसी तरह बाकी गोले भी बनाकर डालते जाइए, कढ़ाई में जितने आराम से आ जाएं।

Step 16: झारे से पलटते हुए दोनों तरफ से अच्छा सुनहरा और कुरकुरा होने तक तल लीजिए, फिर झारे से निकालकर प्लेट में रख लीजिए।

Step 17: लास्ट में जो आलू का मसाला बच गया था, उसके मैंने अलग से पकोड़े बना लिए, यानी बिना रोटी चिपकाए बस बेसन में डुबोकर तल लिए। इससे मसाला भी waste नहीं हुआ।

मेरे कुछ टिप्स

आलू का मसाला ठंडा होने के बाद ही गोले बनाइए। गरम मसाले से गोले ठीक से नहीं बनते और हाथ भी जलता है।

रोटी जितनी बारीक कटेगी, उतनी अच्छे से वड़े पर चिपकेगी और तलने के बाद उतनी ही crispy लगेगी।

बेसन का घोल ना बहुत पतला रखिए, ना बहुत गाढ़ा। पतला होगा तो रोटी के टुकड़े नहीं चिपकेंगे, और बहुत गाढ़ा होगा तो ऊपर मोटी परत बन जाएगी।

बेकिंग पाउडर या बेकिंग सोडा बस थोड़ा सा ही डालना है, इससे घोल हल्का बनता है।

हरा धनिया हो तो जरूर डालिए, खुशबू और बढ़ जाती है। नहीं है तो सूखी मेथी भी बहुत अच्छा स्वाद देती है, जैसे मैंने किया।

कैसे परोसें

मैंने तो शाम की थाली तैयार की थी। थाली में पत्ता गोभी और शिमला मिर्च की सब्जी, रोटी, टमाटर सॉस, और साथ में ये रोटी वड़े और आलू के पकोड़े रखे। बीच से काटकर देखा तो अंदर आलू का मसाला और बाहर रोटी की कुरकुरी परत, देखने में भी बहुत अच्छा लगता है। आप इसे चाय के साथ, सॉस या हरी चटनी के साथ भी खा सकते हैं।

ये तलने वाली चीज है, तो गरम गरम ही सबसे अच्छी लगती है। ज्यादा देर रखेंगे तो इसका कुरकुरापन कम हो जाता है, इसलिए उतने ही बनाइए जितने खा सकें।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

क्या रात की बची रोटी से भी बना सकते हैं?

हां, बिल्कुल। मैंने दोपहर की रोटियों से शाम को बनाया था। आपकी रात की रोटी बच जाए तो सुबह नाश्ते में ऐसे ही बना लीजिए।

हरा धनिया नहीं है तो क्या डालें?

मैंने भी हरा धनिया नहीं डाला था, सूखी मेथी डाली थी। वो छौंक में भी जाती है और स्वाद अच्छा देती है।

गरम मसाला नहीं है तो?

आप उसकी जगह किचन किंग मसाला डाल सकते हैं, जैसा मैंने वीडियो में बताया है।

आलू का मसाला बच जाए तो क्या करें?

उसके अलग से आलू के पकोड़े बना लीजिए। बेसन के घोल में डुबोकर तल लीजिए, जैसे मैंने लास्ट में किया।

आखिर में

तो दोस्तों, बची हुई रोटियों का इस तरह बहुत अच्छा इस्तेमाल हो जाता है। बस आलू का मसाला बनाओ, बेसन में डुबोओ, रोटी के टुकड़े लगाओ और तल लो, इतना ही करना है। एक बार बनाकर देखिए, फिर आप रोटियां कभी नहीं फेंकेंगे। अगर आपने पहले कभी इस तरह बनाया है तो कमेंट में जरूर बताइएगा।

ऐसी ही घरेलू और आसान रेसिपीज़ के लिए मेरे Seema Ki Rasoi YouTube चैनल को सब्सक्राइब कीजिए, वीडियो को लाइक कीजिए और अपने परिवार और दोस्तों के साथ शेयर कीजिए। बनाइए, खाइए और हमें बताइए कैसा लगा। आप सबका बहुत बहुत धन्यवाद।

Saturday, 3 October 2026

स्वीट कॉर्न चाट रेसिपी | Sweet Corn Chaat | मक्की की चाट

प्लेट में बनी स्वीट कॉर्न की चाट, ऊपर टमाटर सॉस और मसाला

नमस्कार दोस्तों, मैं सीमा।

अभी sweet corn का मौसम है, तो आज हल्की फुल्की मक्की की चाट बनाई है। इसे sweet corn chaat भी कहते हैं। तेल नहीं डाला। नाश्ते में, शाम को, या टिफिन में खा सकते हैं। पूरी विधि मैंने इस वीडियो में हाथ से बनाकर दिखाई है।

वीडियो यहीं है: स्वीट कॉर्न के मौसम में यह स्वादिष्ट कॉर्न चाट खाना मत भुलना Tasty Sweet Corn Chaat | Seema Ki Rasoi

कॉर्न चाट में क्या क्या डाला

एक कटोरी भिगोई हुई मूंग के अलावा बाकी चीजें मैंने कप से नहीं नापीं। जितने लोग खाने वाले हों, उतनी मक्की रख लीजिए। जो जो चीज चाट में गई, वह सब नीचे लिख रही हूँ।

अमेरिकन मक्की का भुट्टा। ऊपर का हिस्सा हटाकर दाने निकाल लें। ये दाने soft होते हैं, टाइट नहीं।

मूंग, एक कटोरी, पहले से भिगोकर रखी हुई।

इमली। धोकर पानी डालकर उबालें, फिर रस छान लें।

खीरा, काटकर।

टमाटर, काटकर।

प्याज, काटकर। नहीं खाते तो मत डालिए।

अनार। डालना चाहें तो डाल सकते हैं। मैंने इस बार नहीं डाला।

काला नमक। नहीं खाते तो छोड़ दें।

सफेद नमक, स्वाद देखकर।

लाल मिर्च पाउडर।

चाट मसाला।

नींबू का रस।

हरा धनिया।

जीरा, थोड़ा सा, ऊपर से।

टमाटर सॉस, थोड़ा सा। पसंद नहीं हो तो मत डालिए।

मक्की की चाट कैसे बनाएं

1. भुट्टे का ऊपर का हिस्सा निकालें और मक्के के दाने अलग कर लें। अमेरिकन sweet corn के दाने नरम होते हैं, इसलिए इन्हें उबालने की जरूरत नहीं।

2. एक कटोरी भिगोई हुई मूंग में पानी डालकर गैस पर उबालें। बीच बीच में चलाते रहें और चेक करते रहें। मूंग अच्छे से उबल जानी चाहिए, कच्ची नहीं रहनी चाहिए। उबल जाए तो छलनी से पानी निकाल दें।

3. इमली धो लें। उसमें पानी डालकर गैस पर रख दें। बीच बीच में घुमाते रहें। जब अच्छे से उबल जाए, रस छान लें। छना हुआ imli juice ही चाट में जाएगा।

4. खीरा, टमाटर और प्याज काट लें। प्याज नहीं डालना हो तो खीरा और टमाटर ही काट लीजिए।

5. एक बर्तन में मक्के के दाने और उबली हुई मूंग लें। कटी हुई सब्जियां साथ में डाल दें।

6. छना हुआ इमली का रस डालकर मिलाएं।

7. ऊपर से काला नमक, सफेद नमक, लाल मिर्च पाउडर और chaat masala डालें। नींबू का रस निचोड़ें। हरा धनिया डालकर अच्छे से mix कर दें।

8. परोसते समय ऊपर से थोड़ा सा जीरा और थोड़ा सा tomato sauce डाल दें। चाट तैयार है।

बनाते समय ध्यान रखना

यह no oil recipe है। कढ़ाई में तेल नहीं गरम करना। मसाला कच्चा ही मिक्स होता है, इसलिए नमक, मिर्च और चाट मसाला चखकर डालें।

मूंग को अच्छे से उबालना जरूरी है। अधपकी मूंग चाट का स्वाद बिगाड़ देती है और चबाने में सख्त लगती है। भिगोकर रखना इसलिए जरूरी है कि वह जल्दी और बराबर पक जाए।

इमली का रस छानकर ही डालें। गुठली और रेशा चाट में नहीं आने चाहिए। रस गाढ़ा हो तो थोड़ा पानी मिला सकते हैं, पर चाट पतली नहीं होनी चाहिए।

प्याज और काला नमक अपनी मर्जी से डालें। नहीं खाते तो रेसिपी बिना इनके भी बन जाती है। अनार मैंने नहीं डाला, आप डालना चाहें तो काटकर अंत में मिला सकते हैं।

टमाटर सॉस जरूरी नहीं। नहीं डालेंगे तो भी चाट सिंपल तरीके से बन जाएगी। जीरा ऊपर से छिड़कना है, भूनना नहीं, क्योंकि इस चाट में तड़का नहीं लगता।

यह वाली sweet corn chaat मैंने Seema Ki Rasoi की इस वीडियो में बनाई है। और रेसिपी चैनल पर हैं: Seema Ki Rasoi.

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